बिहार विधानसभा में अपराधी छवि वाले विधायकों की चिंताजनक संख्या
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जीतने वाले 66 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामलों का होना एक गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरा है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है।
रिपोर्ट का मुख्य बिंदु
रिपोर्ट के अनुसार, 241 में से 158 विधायकों (66 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 119 विधायकों (49 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं, जिनमें हत्या से संबंधित मामलों का नाम भी शामिल है।
सभी राजनीतिक दलों की भूमिका
राजीव कुमार, एडीआर और बिहार इलेक्शन वॉच के संयोजक, ने सभी राजनीतिक दलों को आग्रह किया है कि वे उम्मीदवारों के चयन में उनकी पृष्ठभूमि की गहनता से जांच करें। यह कदम आगामी चुनावों में स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए आवश्यक है।
आपराधिक मामलों की बारीकी
विभिन्न दलों के विधायकों पर आपराधिक मामलों का वितरण इस प्रकार है:
- भाजपा के 83 विधायकों में से 41 (49%) पर आपराधिक मामले हैं।
- राजद के 72 में से 43 (60%) विधायकों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
- जदयू के 47 में 13 (28%) और कांग्रेस के 17 में से 9 (53%) विधायकों का भी नाम शामिल है।
- भाकपा माले के 11 में से 7 (64%) और निर्दलीय विधायकों में से दोनों का नाम आपराधिक मामलों में है।
कोटि के मामले में करोड़पति विधायकों का आंकड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी सीट पर विराजमान 241 विधायकों में से 194 करोड़पति हैं। इन विधायकों की कुल संपत्ति 1121.61 करोड़ रुपये है। सर्वाधिक संपत्ति वाले विधायकों में मोकामा की विधायक नीलम देवी हैं, जिनकी संपत्ति 80 करोड़ रुपये है।
दूसरे स्थान पर बेलागंज की विधायक मनोरमा देवी और तीसरे स्थान पर भागलपुर से कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा हैं, जिनकी संपत्तियों का आंकड़ा क्रमशः 72 और 43 करोड़ रुपये है।
कम संपत्ति वाले विधायकों का भी ध्यान
सबसे कम संपत्ति वाले विधायकों में अलौली के विधायक राम विकास सदा हैं, जिनके पास मात्र 70 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति है। फुलवारीशरीफ के विधायक गोपाल रविदास की संपत्ति एक लाख रुपये से अधिक और पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ की कुल संपत्ति तीन लाख 45 हजार रुपये है।
