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Source
Bihar Punjab Kesari
Date
City
New Delhi

adr political funding report

बिहार की राजनीति में सक्रिय छोटी-बड़ी पार्टियों की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। Association for Democratic Reforms (ADR) की ताज़ा रिपोर्ट ने खुलासा किया

Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में सक्रिय छोटी-बड़ी पार्टियों की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। Association for Democratic Reforms (ADR) की ताज़ा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि राज्य में अधिकांश राजनीतिक दलों ने अपनी आय और दान रिपोर्ट जमा नहीं की है, जिससे उनकी फंडिंग पर गंभीर संदेह पैदा हो गया है।

275 में से आधे से ज़्यादा दलों की रिपोर्ट गायब!

ADR ने देशभर की 275 पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों का वित्तीय विश्लेषण किया। इनमें से 184 बिहार में पंजीकृत हैं, जबकि बाकी 91 अन्य राज्यों की हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 59.27% यानी 163 पार्टियों ने न तो ऑडिट रिपोर्ट दी और न ही दान रिपोर्ट। सिर्फ 24.36% (67 पार्टियों) ने दोनों रिपोर्ट दीं, जबकि कुछ ने केवल एक रिपोर्ट जमा की।

5 साल में 11 करोड़ की कमाई – लेकिन पैसा कहां से आया?

रिपोर्ट के अनुसार, इन गैर-मान्यता प्राप्त दलों की पिछले पांच वर्षों (2019-20 से 2023-24) के दौरान कुल आय ₹1,099.59 लाख (करीब 11 करोड़ रुपये) रही। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह पैसा आया कहां से और खर्च हुआ कैसे, क्योंकि आधे से ज़्यादा दलों ने कोई वित्तीय रिपोर्ट नहीं दी।

चुनाव में हिस्सा लिया, पर नतीजा 'ज़ीरो'

रिपोर्ट में बताया गया कि 195 पार्टियों ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाग लिया, लेकिन जीत केवल 8 उम्मीदवारों को मिली — वो भी उन्हीं पार्टियों से जिन्होंने रिपोर्ट जमा की थी। बाकी पार्टियां पारदर्शिता से दूर रहीं और जनता से भी दूरी बनाए रखीं।

ECI की कार्रवाई: 32 पार्टियां डीलिस्ट

2025 में चुनाव आयोग (ECI) ने 32 पार्टियों को निष्क्रियता और रिपोर्ट न देने के कारण सूची से हटा दिया। यह दिखाता है कि आयोग अब Fake या Paper-Based Political Parties पर सख्ती बरत रहा है।

कौन सी पार्टी बनी ‘कमाई की चैंपियन’?

वित्त वर्ष 2023-24 में सबसे ज्यादा आय समता पार्टी (दिल्ली) की रही – करीब ₹5,313.92 लाख।

इसके बाद सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (पश्चिम बंगाल) ₹959.82 लाख, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ₹479.55 लाख और राष्ट्रीय सर्वोदया पार्टी (बिहार) ₹242.45 लाख की कमाई के साथ सूची में शामिल रहीं।

दान रिपोर्ट में गड़बड़ी: ₹71.73 करोड़ का खुलासा

जिन पार्टियों ने दान रिपोर्ट दी, उन्होंने ₹20,000 से अधिक के कुल ₹71.73 करोड़ के दान की घोषणा की, लेकिन कई दलों ने ₹20,000 से ऊपर का कोई दान नहीं दिखाया — जिससे पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया।

163 दलों ने नहीं दी रिपोर्ट, फिर भी करोड़ों की कमाई

इन 163 गैर-रिपोर्टिंग पार्टियों में से 113 ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में हिस्सा लिया, लेकिन कोई भी सीट नहीं जीत सकी।


सिर्फ 7,800 वोट प्रति पार्टी औसतन मिले।


रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 28 पार्टियां ऐसी हैं जिन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने ₹152.54 लाख की आय घोषित की।

ADR की सिफारिशें: सख्त मॉनिटरिंग जरूरी

ADR ने कहा कि Election Commission को पंजीकरण और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और सख्त बनाना चाहिए। राज्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर वित्तीय रिपोर्टें पब्लिकली अपलोड की जानी चाहिए, और Inactive या Fake Parties पर डीलिस्टिंग की प्रक्रिया तेज होनी चाहिए।


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